हौसलों से आसमान को छूने निकला दिव्यांग सतीश, लेह लद्दाख के खारडूंगला राइड के लिए रवाना, 5500 किमी का सफर करेगा तय

मुलताई – कहते हैं हौसला हो तो बाधाएं तकदीर लिखती है, हौसले और विश्वास से भरे क्षेत्र के ऐसे ही एक दिव्यांग ने मां ताप्ती का आशीर्वाद लिया और लेह लद्दाख के खारडूंगला पास की राइड के लिए रवाना हो गया।

हमारे क्षेत्र में साधनों के अभाव के बावजूद योग्यताओं की कमी कभी नही रही। सतीश यह सिद्ध करने निकला है। निकटतम ग्राम बघौली बुजुर्ग निवासी सतीश ऐसी ही प्रतिभाओं में से एक है प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बघौली बुजुर्ग निवासी एक दिव्यांग युवक आज मुलताई ताप्ती मंदिर से पूजा अर्चना कर बस स्टैंड पर स्थित शहीद किसान स्तम्भ पर शहीद जवान एवं किसानों को नमन कर लेह लद्दाख के खारडूंगला पास की राइड के लिए रवाना हुआ।

प्राप्त जानकारी अनुसार बघौली बुजुर्ग निवासी सतीश पुत्र दशरथ बिनझाड़े उम्र 27 वर्ष जिसका एक पैर आर्टिफिशियल है। वह आज मुलताई से दिल्ली होते हुए श्रीनगर मनाली और कश्मीर लेह लद्दाख के खारडूंगला पास कि राइड के लिए रवाना हुआ है।लगभग यह सफर 5500 किलोमीटर का होगा जो 20 से 25 दिनों में पूरा किया जाएगा। खारडूंगला पास की ऊंचाई समुद्र तल से 18380 फुट बताई जा रही है, जहां पर्वतारोही पहुंचते है।मुलताई क्षेत्र के इस दिव्यांग युवा द्वारा इस साहसिक कार्य के लिए पूरे नगर में युवा की प्रशंसा की जा रही है एवं उसके सकुशल वापस आने के लिए दुआएं भी दी गई


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