खेल विभाग को सौंपने के पहले ही टूटी मिनी स्टेडियम की फेंसिंग,न.पा. का कारनामा करोड़ों का स्टेडियम किराया दो हजार

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मुलताई- खेल और युवक कल्याण  विभाग द्वारा सीएम राइज विद्यालय के भूमि पर बनाया गए  मिनी स्टेडियम का उपयोग खेल के बजाय सीवर लाइन प्रोजेक्ट के ठेकेदार सार्थी कंस्ट्रक्शन द्वारा स्टोर रूम और मटेरियल संग्रह के लिए किया जा रहा है।

जानकार बताते हैं कि ठेकेदार के वाहन आसानी से स्टेडियम में आ जा सके इसके लिए ठेकेदार ने लाखों रुपए की लागत से बनी मिनी स्टेडियम फेंसिंग को दो जगह से तोड़कर रास्ता बना लिया है। ठेकेदार के लोग बताते हैं कि हम ₹2000 महीना नगरपालिका को किराया देते हैं बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका जो कि मात्र निर्माण एजेंसी है इस स्टेडियम का व्यवसायिक उपयोग कैसे कर सकती है। यह खेल और युवा कल्याण विभाग एवं भूमि स्वामी हाई स्कूल मुलताई के बीच हुए अनुबंध के भी विरुद्ध हैं।

कौन कराएगा टूटी हुई फेंसिंग का निर्माण

मिनी स्टेडियम का निर्माण  नगर पालिका द्वारा लंबे समय से कराया जा रहा है। ठेकेदार कहता है कि कार्य पूर्ण हो गया हैं। इधर सार्थी कंस्ट्रक्शन कहता है हमें मिनी स्टेडियम नगरपालिका ने दो हजार रुपए महीने से उपयोग के लिए दिया है। खेलों से जुड़े लोगों का मानना है कि नगर पालिका को यह अधिकार नहीं है फेंसिंग टूट जाने के कारण असामाजिक तत्वों का स्टेडियम में प्रवेश आसान हो गया जिसके कारण कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।  खिलाड़ियों के लिए रुकने के लिए बने कमरों पर ठेकेदार का कब्जा होने के कारण टूर्नामेंट होने पर खिलाड़ियों को होटल में ठहराना पढ़ रहा है। और दूसरी ओर लाखों रुपए खर्च कर बनाया गया स्टेडियम खिलाड़ियों के उपयोग में आने के बजाय ठेकेदारों के वाहन एवं झोपड़ियों और मटेरियल स्टोरेज के कारण बर्बाद हो रहा है। बड़ा प्रश्न यह भी है कि जो फेंसिंग तोड़ी गई है उसका निर्माण कौन कराएगा नगरपालिका या ठेकेदार अथवा खेल और युवक कल्याण विभाग।

जनप्रतिनिधि मोन क्यों….?

क्षेत्रों में होने वाले टूर्नामेंट में उद्घाटन और समापन में पहुंचकर अपने आप को खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला बताने वाले जनप्रतिनिधि,  खेल सुविधाओं को लेकर कितने गंभीर है इसका शानदार उदाहरण मुलताई नगर का एकमात्र मिनी स्टेडियम है जो कई वर्षों से बन रहा है। इन वर्षों में किसी भी जनप्रतिनिधि ने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि खर्च की गई राशि का सही उपयोग हुआ है या नहीं । यह स्टेडियम कब खिलाड़ियों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकेगा।

इनका कहना

फेंसिंग नगरपालिका के निधि से बनी थी । फेंसिंग किसने तोड़ी है इसकी जांच कराएंगे ठेकेदार को भी पत्र देंगे। ठेकेदार से पैसे की रसीद कट रही है या नहीं यह पता करते हैं।नितिन कुमार बिजवे
मुख्य नगरपालिका अधिकारी मुलताई

पहले हम कमरों का उपयोग करते थे लेकिन अब कमरों का उपयोग नहीं करते इसके बावजूद भी 2000 रू. महीने नगरपालिका को दे रहे हैं। पहले फेंसिंग बनी थी लेकिन किसने तोड़ी पता नहीं
मधुसूदन ओसदवार प्रोजेक्ट मैनेजर
सार्थी कंस्ट्रक्शन गुजरात

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