गुरू नानक दरबार ट्रस्ट भूमि के  रिकार्ड में हेरफेर,धार्मिक आस्था को पहुचाई जा रही है ठेस

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मुलताई- श्री गुरु नानक दरबार ट्रस्टी संगत मुलताई  ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनंदनी शर्मा को ज्ञापन सौप राजस्व अधिकारियों पर श्री गुरु नानक दरबार ट्रस्ट की भूमि के रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। 

ज्ञापन में कहा गया है कि  ट्रस्ट के स्वामित्व एवं आधिपत्य की भूमि इंदिरा गांधी वार्ड में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। उक्त ट्रस्ट की भूमि पर तत्कालीन ट्रस्टी एवं मुलताई सिख संगत के द्वारा वर्ष 1972 मे हीं गुरूद्वारा निर्माण हेतू पत्थर की प्लीथ बनाई गई थी जो वर्तमान में भी स्थित है। उक्त भूमि पर सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक निशान साहिब भी स्थापित है। उक्त ट्रस्ट भूमि के नामांतरण हेतू श्री गुरू नानक दरबार समिति ने तहसीलदार  के न्यायालय में आवेदन दिया और उन्होने राजस्व अभिलेख में श्री गुरू नानक दरबार समिति का नाम दर्ज कर ऋण पुस्तिका प्रदान की और स्वयं द्वारा आदेशित भूमि का सीमांकन करने  तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी  अपनी टीम के साथ दिनांक 2,/03 / 2022 को करीब 4.30 बजे उक्त स्थल पर पहुचे। जहाँ पर सिख समुदाय के रतन सिंह खुराना, आजाद सिंह खुराना, डॉ. हरप्रीत कौर, कश्मीर सिंह, राम सिंह, पप्पू अरोरा, अननू हसंपाल, रवि हसंपाल, आदि उपस्थित थे ।  तहसीलदार ने विधायक सुखदेव पांसे को उनके निवास स्थित कार्यालय पर जाकर ट्रस्ट भूमि के सीमांकन के बारे में बताया।

  सुखदेव पांसे ने  तहसीलदार को कहा की उक्त समस्त भूखण्ड एवं भूखण्ड में स्थित मकान अवैध कॉलोनी में आते है इसलिये अवैध कालोनी के मालिक पर कार्यवाही कर उन पर शीघ्र ही रिकवरी निकाली जावे और उन्होने सिख समुदाय को विश्वास दिलाया की इस ट्रस्ट भूमि के जनहित के कार्य में वे  यथा संभव सहयोग प्रदान करेगे।

  तहसीलदार चाँदा मिलान करते रहे और शाम को सिख समुदाय से बोले की आज चॉदा नही मिल रहा है हम दो तीन दिन बाद आकर फिर से सीमांकन करेगे और ना ही उन्होने स्थल पंचनामा बनाया और ना ही कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत किया,  तहसीलदार के स्वयं के द्वारा आदेशित नामांतरित भूमि का सीमांकन ना न दरबार ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और ट्रस्टीयो को जानकारी है भूमि के नक्शे एवं रकबे में विभिन्नता है। संगत ने कहा है कि भूमि के मामले को लेकर सिख समुदाय आक्रोशित है और शासन से उच्चस्तरीय जॉच की मांग करता है। शासन को चाहिए कि समिति गठीत कर सवेदन,शील मुददे के त्वरित निराकरण करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में अधिवक्ता डॉ हरप्रीत कौर, आजाद सिंह, रतन सिंह, निहाल सिंह ,ज्योति मोहानी, प्रितपाल कौर आदि प्रमुख है।


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