ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गया सलाईड़ाना से चिचंडा मार्ग,आश्वासन मिलते हैं सड़क नहीं बनती

0
1013

मुलताई- हम स्वतंत्रता दिवस के 75 वर्ष का अमृत महोत्सव मना रहे हैं  किंतु 75 वर्ष बाद भी हम ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को ग्रामों तक नहीं पहुंचा पाए है। आज भी मुलताई तहसील में दर्जनों ऐसे ग्राम है जो मुख्य मार्गो से नहीं जुड़ पाए है।

जहां वर्षा काल में ग्रामीण ना तो स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच पाते हैं और ना ही शालाओ तक ।जहां आज भी ग्रामीणों की मांगे और ग्रामीण विकास के दावे दोनों दम तोड़ते दिखाई देते हैं। पट्टन जनपद क्षेत्र का  ऐसा ही एक ग्राम है सलाईड़ाना ग्राम पंचायत बोरगांव शेरगढ़ का यह ग्राम सलाईड़ाना वर्षों से चिचंडा मुख्य मार्ग से कटा हुआ है ।

मार्ग की स्थिति यह है कि पैदल चलना कठिन है और इसी मार्ग से निकलकर ग्रामीणों को अपने दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निकल कर शहरों तक पहुंचना पड़ता है। यहां के बच्चे मिडिल स्कूल के लिए कोडर और हाई स्कूल पढ़ने के लिए चिचंड़ा जाते हैं और मार्ग की स्थिति यह है कि सलाई ढाना से कोडर तक का 300 मीटर के भाग मे पैदल या किसी भी साधन से पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है।

हालांकि सलाईड़ाना से चिचिंडा तक लगभग 5 किलोमीटर का यह मार्ग पूरी तरीके से खस्ताहाल है किंतु सलाईड़ाना के पास 500 मीटर के इस भाग में मार्ग खोजना कठिन है और पूरे मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे दलदल से भरा हुआ है सलाइड़ाना निवासी चंदन बरखाड़े, हरिराम भलावी, जंगली पवार, बताते हैं कि वर्षा काल प्रारंभ होते ग्रामीणों की नगरों से जुड़ने की समस्याओं का आरंभ हो जाता है और फिर यह एक चुनौती बन जाता है। मार्ग से गुजरने के प्रयासों में अब तक अनेकों ग्रामीण चोटिल हो चुके हैं । दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी है। कोई बीमार होने पर यहां एंबुलेंस पहुंचना कठिन है। इस ग्राम के छात्र छात्राओं  को पढ़ने के लिए बाहर जाना पड़ता है मार्ग की दयनीय स्थिति के चलते स्कूलों तक पहुंचना अत्यंत कठिन होता है सलाईड़ाना से कोंडर,चिचंड़ा तक मार्ग निर्माण की मांग एवं शिकायत अनेकों बार अधिकारियों एवं नेताओं से की गई किंतु  कोई हल नहीं निकला, आश्वासन मिलते हैं सड़क नहीं बनतीहाल ही में इसकी शिकायत स्थानीय विधायक सुखदेव पांसे से भी की गई है।

———————————————————————————————————————————

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here