जिले के एकमात्र शासकीय हिंदी उर्दू शाला में नहीं है उर्दू शिक्षक,पालकों ने कहा करेंगे आंदोलन

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मुलताई -जिले की एकमात्र शासकीय हिंदी उर्दू माध्यमिक शाला में लंबे समय से उर्दू का शिक्षक नहीं है। जिसके चलते पलकों में रोष है। हाजी सलीम खान कहते हैं कि उर्दू शिक्षक ना होने के कारण पालक अपने बच्चों को स्कूल से निकाल रहे हैं दर्ज संख्या निरंतर घट रही है।

पालक लंबे समय से उर्दू शिक्षक की मांग कर रहे हैं किंतु कोई नतीजा नहीं निकला। अब बालकों के पास यही उपाय बचा है कि या तो अपने बच्चों को संयुक्त रूप से शाला से निकालकर उर्दू बढ़ाने की इच्छा छोड़ दें और अन्य स्कूल में दाखिला करा ले या फिर उर्दू शिक्षक के लिए आंदोलन करें।

पालक कहते हैं कि शिक्षा विभाग शिक्षा स्तर के सुधार को लेकर कितना गंभीर है इसकी बानगी  हिंदी उर्दू स्कूल में देखी जा सकती है। क्योंकि जहां पर पहले से ही जिस विषय के शिक्षक उपलब्ध है वहां उसी विषय के और टीचर को लाया जा रहा है किंतु जिस उर्दू स्कूल का उद्देश्य छात्र छात्राओं को हिंदी और उर्दू  साथ में अध्ययन कराना था। वहां उर्दू का शिक्षक ही नियुक्त नहीं है ।

शाला नहीं कर सकती अतिथि शिक्षक  नियुक्ति

इस संदर्भ में शासकीय हिंदी उर्दू माध्यमिक शाला संस्था प्रमुख वर्षा खरे कहती है कि हम उर्दू शिक्षक की कमी को अतिथि शिक्षक से पूरा कर सकते थे किंतु शिक्षा विभाग का पोर्टल शाला में उर्दू शिक्षक का रिक्त पद नहीं बताता जिसके चलते अगर अतिथि शिक्षक रखा भी ले तो शिक्षक का वेतन नहीं किया जा सकेगा यह समस्या हमारे स्तर की नहीं है। इसे जिला स्तर से ही हल किया जा सकता है।

1985 में हुआ था हिंदी उर्दू स्कूल की स्थापना

नाका नंबर 1 पर स्थित जिले की एकमात्र शासकीय हिंदी उर्दू माध्यमिक शाला के लिए हाजी समीम खान के नेतृत्व में अनेक नगर वासियों ने लंबा संघर्ष किया है। 10 सालों के संघर्ष के बाद 1985 में तत्कालीन मंत्री एवं पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष स्वर्गीय राम जी महाजन द्वारा इस हिंदी उर्दू स्कूल की नीव रखी थी। अपने 37 वर्षों के सफर मे इस संस्था ने अनेक उतार-चढ़ाव देखें। किंतु बीते 10 वर्षों में इस संस्था की जिस तरह से अनदेखी हुई है उसके परिणाम यह है कि आज प्राथमिक शाला में छात्रों की दर्ज संख्या 32 पूर्व माध्यमिक शाला में छात्र-छात्राओं की संख्या 15 है। जिसमें मिडिल स्कूल में 3 शिक्षक एवं प्राथमिक शाला में 2 शिक्षक नियुक्त है जिसमें गणित विज्ञान हिंदी सोशल साइंस इंग्लिश के शिक्षक शामिल है।

इनका कहना

हिंदी उर्दू स्कूल में उर्दू शिक्षक की कमी है इसके लिए संकुल प्रभारी होने के नाते पत्र जिला शिक्षा विभाग को भेज दिया था ।

शिवदास बारपेटे
संकुल प्रभारी एवं प्राचार्य मुलताई


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