डॉक्टर नहीं बचा पाए छात्र विक्रम राठौर का पैर,मामला गलत इलाज के आरोप का

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मुलताई- हाल ही में पारेगांव रोड पर स्थित अनमोल निजी हॉस्पिटल संचालक डॉ प्रवीण शुक्ला पर जिस बालक विक्रम राठौर के पैर का गलत इलाज करने का आरोप लगा था।  स्थिति बिगड़ने पर

छात्र विक्रम को नागपुर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहां से आज दुखद समाचार प्राप्त हुआ है कि डॉक्टरो के अथक प्रयासों के बाद भी विक्रम का पैर नहीं बचा पाए और उन्हें पैर को घुटने के नीचे से काटना पड़ा है।

विक्रम के मामा कन्हैया साहू जोकि वर्तमान में नागपुर में विक्रम का इलाज करा रहे हैं उन्होंने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि हेल्थ सिटी चिल्ड्रन हॉस्पिटल नागपुर के डॉक्टरों का कहना है कि अभी 8 दिन तक छात्रों को ऑब्जर्वेशन में रखना पड़ेगा अगर इंफेक्शन ऊपर बड़ता है तो पैर और आगे से काटना पड़ सकता है । कन्हैया साहू ने कहा है कि डॉक्टरों का अनुमान है कि दवाई गोली के अलावा लगभग ढाई लाख रुपए इस इलाज में लगेगा और यह सब डॉक्टर के गलत इलाज के कारण हुआ है

मेरे भांजे को अपना पैर खोना पड़ा है। मालूम हो कि हाल ही में कक्षा दसवीं के छात्र विक्रम राठौर को पैर में चोट आने के बाद पारेगांव रोड पर स्थित अनमोल निजी हॉस्पिटल संचालक डॉ प्रवीण शुक्ला के यहां ले जाया गया था जिसके बाद विक्रम की स्थिति बिगड़ने पर क्रिश हास्पीटल में भर्ती कराया गया था। जहां के डॉक्टर अंकुश भार्गव ने पैर कटने की संभावना व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल नागपुर रेफर करने की सलाह दी थी जिसके बाद विक्रम नागपुर में भर्ती कराया गया था 2 दिनों से विक्रम के लिए लोग सहयोग के साथ ही विक्रम की सलामती की दुआएं कर रहे थे और सहयोग के लिए भी आगे आ रहे थे इसके लिए सोशल मीडिया पर विक्रम को आर्थिक सहयोग देने की अपील भी की गई थी जिसके बाद अब तक ₹68000 सहयोग राशि उपचार के लिए प्राप्त हुई किंतु विक्रम के मामा का कहना है कि विक्रम की जिंदगी बचाने के लिए लगभग दो लाख रुपए का खर्चा और है।


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