ताप्ती मेले में दुकानें सजी, बड़ी चहल पहल,धरोहर को सहेजने के मिलकर करने होंगे प्रयास: नीतू परमार

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मुलताई-  ताप्ती मेले मे दुकाने सज गई है चहल-पहल बढ़ने लगी है झुलो का घूमना प्रारंभ हो गया है किंतु मेले की रौनक रविवार के बाद ही बढ़ सकेगी।

इस बार नगर पालिका ने समय से प्लाट आवंटन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी थी किंतु फिर भी कार्तिक पूर्णिमा से ताप्ती मेले का प्रारंभ नहीं हो सका। इस बार नगर पालिका ने झूलों की दिशा परिवर्तन कर मेले को नया स्वरूप प्रदान करने का प्रयास किया है जिसके कारण मेले में और अधिक दुकानें लग सकेगी ।

बर्तन व्यापारी रितेश परिहार बताते हैं कि इस वर्ष मेले में पहले की तुलना में  मेले मे स्थान भी बड़ा है। नगर पालिका बेहतर सुविधा के प्रयास कर रही है किंतु यह व्यवस्था बनाए रखनी होगी नगर पालिका द्वारा मेले में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है । अस्थाई शौचालय बनाए गए हैं। किंतु मेले के अनेक भागों में स्टेट लाइट की समस्या है इसे दूर किया जाना चाहिए।

अस्थाई दुकानों से मेले में होती अव्यवस्था

ताप्ती मेले में गुपचुप, सिंघाड़े जैसे अनेक अस्थाई छोटी दुकानें भी लगती है इनकी संख्या बहुत ज्यादा होती है इसी कारण मेले में अव्यवस्था होती है किंतु इन्हें हटाया भी नहीं जा सकता क्योंकि यह भी मेले की रौनक होते हैं। इस समस्या के संबंध  में हमने नगर पालिका मेला प्रभारी संतोष शिवहरे बाकी उनका कहना था कि हमने इसे देखते हुए मार्गो की चौड़ाई बढ़ा दी है और इन्हें बीच मार्ग में व्यवस्थित लगाया जाएगा ताकि दोनों भाग में जगह छुट्टी है और तिराहे पर  दुकान ना लगे।

नगर की सांस्कृतिक धरोहर है ताप्ती मेला : नीतू परमार

नगर पालिका अध्यक्ष नीतू प्रह्लाद परमार कहती है ताप्ती मेला क्षेत्रवासियों की आस्था के केंद्र के साथ सांस्कृतिक धरोहर भी है। इस मेले का स्वरूप बड़े, मेले में अच्छी व्यवस्था निर्माण हो इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।  इस वर्ष समय से पूर्व मेले की तैयारियां प्रारंभ कर दी थी। मेले के स्वरूप में भी परिवर्तन किया गया। सभी पार्षदों के सहयोग से इस मेले को भव्य रूप प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है नगरवासी भी अपने सुझाव और समस्याओं से हमें अवगत करा सकते हैं। राजनीति से हटकर हमें इस धरोहर  के संरक्षण के लिए आगे आना होगा।


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