नवदुर्गा पर्व पर दिखा महंगाई और वर्षा का प्रभाव,25% कम हुआ दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण

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मुलताई- जगत जननी मां दुर्गा के पूजा का पर्व नवरात्री के लिए दुर्गा प्रतिमाओं का प्रतिमा निर्माताओं के पंडाल से निकलकर दुर्गा पंडालों में पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।

इस वर्ष नवरात्र पर्व पर महंगाई और अति वर्षा का प्रभाव दिखाई दे रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष छोटी मस्जिद के आसपास एवं ताप्ती तट पर पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 75% प्रतिमाएं ही आकार ले सकी है। इस साल  कम प्रतिमा बनाने का कारण पूछे जाने पर प्रतिमा निर्माताओं ने बताया कि प्रतिमाओं के निर्माण लागत में निरंतर इजाफा हो रहा है मिट्टी और कलर के दामों में लगभग 40 से 50% वृद्धि हुई है

मुलताई में बनने वाली प्रतिमाओं के लिए मिट्टी छिंदवाड़ा जिले से लाई जाती है पहले यह 5 हजार ट्राली में मुलताई पहुंचती थी जिस के दाम बढ़कर 10 हजार हो गए हैं लागत में वृद्धि हो रही है किंतु दाम पिछले साल की तुलना में वही है। इस वर्ष  निरंतर वर्षा भी होती रही जिसके कारण भी प्रतिमाओं का निर्माण कम हुआ है।  फिर भी उत्साह पूर्वक नवरात्र का आरंभ हो गया है दुर्गा प्रतिमा निर्माताओं के घर से निकल कर पंडालों की ओर निकल गई है।

छोटी मस्जिद के पास लगता है प्रतिमा लेने वालों का मेला

मुलताई नगर मे प्रतिमा निर्माण का अपना बड़ा कारोबार है नगर में लगभग 50 से अधिक परिवार प्रतिमा निर्माण का कार्य करते हैं इसमें से अधिकांश परिवार छोटी मस्जिद के पास वर्षों से निवास करते है आज के दिन छोटी मस्जिद के चारों ओर प्रतिमा लेने वालों का मेला सा लगा रहता है। छोटी मस्जिद के आसपास दुर्गा प्रतिमाएं और दुर्गा प्रतिमा निर्माता और खरीदने वालों की भीड़ मुलताई नगर में वर्षों से चले आ रहे हैं आपसी भाईचारे और हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक भी है।

प्रजापति परिवार जो छोटी मस्जिद के चारों ओर सैकड़ों दुर्गा देवी एवं गणेश प्रतिमाओं का निर्माण करते हैं। भीम प्रजापति बताते हैं कि मस्जिद की दीवारों से लेकर होता प्रतिमाओं के निर्माण मे सभी धर्म के लोग सहयोग करते हैं विशेषता और मुस्लिम भाई। भीम यह भी कहते हैं कि पिछले वर्षो की तुलना में इस बार कम प्रतिमाओं का निर्माण हुआ है हमारी लागत में निरंतर इजाफा हो रहा है किंतु प्रतिमा के दाम उतने ही है। जितने पिछले वर्ष थे। शिव कुमार प्रजापति बंगाल की प्रतिमाओं की तर्ज पर प्रतिमाओं का आकार देते हैं वह कहते हैं कि वर्षा और रवमैटेरियल के के बढ़ते दामों के चलते इस वर्ष प्रतिमा का निर्माण कम हुआ है।


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