पुत्र को अपने वृद्ध माता-पिता को देने होंगे 4000 रुपए प्रति माह,एसडीएम न्यायालय ने दिए आदेश

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मुलताई – अनुविभागीय दंडाधिकारी मुलताई के न्यायालय ने 90 वर्षीय माता-पिता के आवेदन पर फैसला सुनाते हुए पुत्र को अपने माता पिता के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 4000 रुपए  देने का आदेश दिया है। और पुत्र से कहा है कि वह इस संबंध में बंद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करें।

यह आदेश रिश्तो में आ रहे बदलाव का एहसास कराता है। जो मां बाप अपने बच्चों के पालन पोषण और भविष्य बनाने के लिए अपना सब कुछ गवा देते हैं आखिर में वही बच्चे उन्हें दो वक्त की रोटी मुहैया कराने में भी कतराते हैं। बघौली बुजुर्ग निवासी शेषराव गव्हाडे 90 वर्ष एवं भागीरथी पति शेषराव 85 वर्ष ने अपने पुत्र 55 वर्षीय पुत्र नामदेव पिता एवं शेषराव के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय में माता पिता और वरिष्ठ नागरिकों का -पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 की धारा 4 के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया।जिसमें पैरवी वृद्ध माता-पिता की ओर से डॉक्टर एवं एडवोकेट हरप्रीत कौर ने की हरप्रीत कौर ने बताया कि अपने माता पिता का भरण पोषण करना बालिक बच्चों की जवाबदेही है।किंतु वर्तमान समय में ऐसे बहुत मामले आ रहे हैं की बच्चे अपने वृद्ध माता-पिता का भरण पोषण करना तो दूर उनके साथ दूर व्यवहार तक करते हैं ऐसे ही एक मामले में मुलताई एसडीएम न्यायालय ने  2 माह में आदेश कर वृद्ध जनों को राहत दिलाई है। इस मामले में पुत्र अपने माता-पिता का भरण-पोषण नहीं कर रहा था और उन्हें  दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया गया था । उनके बुढ़ापे का फायदा उठा उन्हें शारिरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहता है।


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