भाई दूज पर आते हैं भगवान शनि और यम बहन ताप्ती के घर,ताप्ती तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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मुलताई- कार्तिक मास शुक्लपक्ष द्वितीया के दिन मनाएं नाए जाने वाली भाई दूज पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने ताप्ती तट पहुंचकर ताप्ती सरोवर में श्रद्धा की डुबकी लगाई और मान्यता अनुसार भगवान शनि एवं यम देवता से आशीर्वाद प्राप्त किया।

दंतकथा है कि इस दिन भगवान शनि एवं यम अपनी बहन सूर्यपुत्री मां ताप्ती से मिलने उनके घर  आए थे। यही कारण है कि भाई दूज पर ताप्ती स्नान एवं पूजन का विशेष महत्व है। गुरुवार को सुबह से ही भाई दूज स्नान के लिए अनेक जिलों और प्रदेशों से ताप्ती तट पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था । पं विश्वकसेन मुकुंद देशमुख(विशु महाराज) भाई दूज और ताप्ती के संबंध में जानकारी देते हुए बताते हैं इस संबंध में  पौराणिक और जनश्रुति पर आधारित अनेक कहानिया प्रसिद्ध है

बहन ताप्ती के घर पहुंचे यम एवं शनि

शनि यम बहना तापी की कहानी भी प्रसिद्ध है जिसके अनुसार तापी और शनि ,यम का बहुत प्रेम था वह अपने भाईयो को हमेशा भोजन के लिऐ बुलाती पर दोनो भाई व्यस्तता के कारण अपने बहन के यहा नही जा पाते एक समय की बात है तापी ने अपने दोनो भाईयो को कार्तिक मास की दूज को आमत्रित किया जिस पर दोनों भाई अपनी बहन सूर्यपुत्री ताप्ती के घर पहुंचे शनि ,यमराज को आता देखकर तापी प्रसन्न हो गई।उनकी पूजा कर उनेक व्यंजन खिलाए ,सत्कार कीया ।

मां ताप्ती ने यम एवं सनी से मांगा वर

मां तापी के द्वारा किये आतिथ्य से दोनो भाई प्रसन्न हुए और वरदान मांगने के लिऐ कहा । फिर तापी ने वर मांगा कि आप दोनो कार्तिक शुक्ल दूज के इस दिन प्रतिवर्ष मेरे घर आया करे और उसकी तरह ज़ो बहन भाई का आदर सत्कार कर टिका करे उसे शनि पिडा कभी न हो ।यम का भय न रहे ।दोनो भाईयो ने तथास्तु कहकर तापी कोअमुल्य वस्त्राभूषण प्रदान कीये।और यमराज ने सभी तापी स्नान करने वालों को नर्क के द्वार से वापस भेज कर यममार्ग से मुक्ति प्रदान की ।


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