रामेश्वरम संगम तीर्थ पहुंची मां ताप्ती सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा

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मुलताई-मां ताप्ती की महिमा गुनगुनाते धर्म ध्वजा लहराते हुए बीते 2 जनवरी को प्रातः उद्गम स्थल से निकली मां ताप्ती सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा मंगलवार को लगभग 450 किमी चलकर जलगांव जिला महाराष्ट्र प्रदेश के ग्राम पलसोद पहुंची।

परिक्रमा पदयात्रा बुधवार सुबह 8 बजे ताप्ती अंजनी गिरना त्रिवेणी संगम पर स्थित पुरातत्व विभाग से जुडे रामेश्वरम संगम तीर्थ पर दर्शन पूजन कर नांदेड़ , सावखेड़ा होते हुए दोपहर भोजन विश्राम ग्राम मुंगसे में होगा। तत्पश्यात रात्रि विश्राम हिंगोना खुर्द में होगा यह जानकारी देते हुए पदयात्री बालकृष्ण मालवीय रामदीन यादव विशाल सिंह और संतोष आर्य ने बताया कि महाराष्ट्र प्रदेश में गांव गांव में मां ताप्ती जी की सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रा को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है लोग भाव विभोर होकर स्वागत सत्कार कर रहे हैं गांव के बाहर आकर स्वागत कर ग्राम भ्रमण कराया जा रहा हैं दीप जलाकर आरती उतारी जाती है

भाव से ध्वज पूजन किया जाता है रंगोली उकेरकर दीपक जलाकर आत्मीय स्वागत किया जा रहा है इस प्रकार गांव गांव में उत्सव मनाया जा रहा है पदयात्री सुनील वानखेड़े, राजेश जैन विजय देशमुख ने बताया कि महाराष्ट्र प्रदेश में ग्राम पाटोंदी , भोखरी , नायगांव , उचंदे , चांगदेव , भुसावल , कड़गांव , आदि स्थानो सहित ग्राम नांदरा में भी दीपोत्सव मनाया गया जिससे लगभग 30किमी पदयात्रा कर रहे ताप्ती भक्तो की जन्हा थकान दूर हो जाती है वही नई ऊर्जा के साथ अगले पड़ाव के लिए पदयात्री निकल पड़ते हैं । प्रतिदिन पदयात्रा अपने निर्धारित समय से पुर्व ही अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच रही है

जिससे ग्रामीण सेवादार भी बहुत खुशी खुशी यात्रा का भाव विभोर स्वागत सत्कार कर रहे हैं यात्रा संयोजक राजू पाटनकर ने बताया कि महाराष्ट्र में मां ताप्ती सम्पूर्ण परिक्रमा पदयात्रियो ने ताप्ती पूर्णा संगम , चांगदेव तीर्थ , आदि शक्ति संत मुक्तामाई मेहूँन , आदि सुप्रसिद्ध फलदायी तीर्थो के दर्शन किए और बुधवार को एसे ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल त्रिवेणी संगम रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग जहाँ बताया जाता है कि यह विश्वामित्र की तपोभूमि है श्रष्ठि का प्रथम गायत्री यज्ञ भी इसी स्थल पर होना बताया जाता है इस स्थान पर प्रभु श्री रामचंद्र जी एवम श्री लक्ष्मण जी ने शिवलिंग की स्थापना कर पूजन आराधना की इस कारण इस स्थल का नाम ही रामेश्वरम है इस स्थल पर शिवरात्रि को मेला लगता है। पाटनकर ने बताया कि जैसे जैसे पदयात्रा आगे बढ़ेगी और भी कई पुण्य फलदाई ताप्ती तीर्थो से पदयात्री दर्शन लाभ प्राप्त करेंगे मंगलवार को ग्राम धामनगांव , आमोदा ओर भोकर में स्वल्पाहार , किनोद में भोजन प्रसादी एवम डाक्टर गणेश पाटिल , डाक्टर चौहान डीक्साई ने अभी पदयात्रियों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक निर्देश और दवाइयां भी उपलब्ध कराई।


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