शिक्षकों का शालेय परिवार,जहां सुख दुख होता है साझा

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जन्मदिन पर शिक्षक की सराहनीय पहल

मुलताई- शासकीय शालाओं का शालेय परिवार बनता है, शिक्षक, छात्र-छात्राएं ,पालको से विशेष तौर से ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं में आज भी यह रिश्ते बहुत मजबूत होते हैं, इसीलिए संपूर्ण शाला परिवार की खुशियां भी साझी होती है और समस्याएं भी।

यह कहना है शास उच्च माध्य शाला महतपुर के शिक्षक अभिनंदन रघुवंशी का वह हर साल अपना जन्मदिन अपने शालेय परिवार महतपूर के साथ मनाते हैं और उनका जन्मदिन ठंड के मौसम में आता है तो वह जरूरतमंद बच्चों को  स्वेटर भेट करते हैं । इस वर्ष भी उन्होंने अपना जन्मदिन शाला के छात्र छात्राओं के साथ मनाया और जरूरतमंद गरीब 20 बच्चों को स्वेटर प्रदान किए। हमें जब आज के दौर में शिक्षक के अपने शाला परिवार से जज्बाती रिश्ते की जानकारी लगी तो हमने उनसे मिलकर चर्चा की अभिनंदन रघुवंशी बताते हैं कि यह कोई नई बात नहीं है आज भी ग्रामीण क्षेत्र की शालों मे अनेक समस्याओं के बावजूद शिक्षक अच्छा काम कर रहे हैं।

और सभी का अपने छात्र-छात्राओं से भावनात्मक रिश्ता होता है। मैं वर्षों से जन्मदिन की खुशियों को अपने छात्र छात्राओं के साथ बांटकर उन्हें अपने परिवार का अभिन्न अंग होने का एहसास दिलाने का प्रयास करता हूं और दूसरी बात यह है कि शाला में गरीब बच्चे होते हैं और सभी के पास गरम स्वेटर नहीं होते, स्कूल की एक जैसी ड्रेस होती है इसलिए एक जैसे स्वेटर पहनने से यूनिफॉर्म पूरा हो जाता है। और सबसे बड़ी बात बच्चों के चेहरे की मुस्कान देखकर जन्मदिन की खुशियां पूरी हो जाती है। शास उच्च माध्य शाला महतपुर के शाला प्राचार्य smt सरला घोरसे ने ,सराहना की, एवं शालेय परिवार से smt गीता कलभोर,संजय रघुवंशी, बी एल चौ़कीकर, दिव्या पवार ,माधुरी रघुवंशी सहित सभी शालेय परिवार मैं इस अवसर पर उपस्थित होकर जहां शिक्षक को जन्मदिन की बधाई दी मैं उनके इस कार्य की सराहना भी की।


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