शुगर मिल मालिक कर रहे हैं किसानों का आर्थिक शोषण,समान गन्ना मूल्य नहीं मिल तो होगा आंदोलन

0
373

मुलताई- मुलताई ,आमला तहसील के किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजनंदनी शर्मा को ज्ञापन सौंप ताप्ती एग्रो इंडस्ट्रीज खजूरी शुगर मिल के मालिकों पर किसानों का आर्थिक शोषण किये जाने का आरोप लगाया है।

किसानों ने मध्य प्रदेश के अन्य जिलों की शुगर मिल की तरह निर्धारित समान गन्ना मूल्य दिलाने की मांग की है। किसानों ने ज्ञापन में मांग पूरी ना होने पर क्षेत्रीय गन्ना किसानों द्वारा नागदेव बैतूल मार्ग पर चक्का जाम किए जाने की चेतावनी दी है  इसकी समस्त जवाबदारी शुगर मिल मालिक एवं शासन प्रशासन की होगी। किसानों ने सौंपा ज्ञापन में बताया कि बैतूल जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को प्रदेश में सबसे कम गन्ने के दाम मिल रहे हैं। जहां संपूर्ण प्रदेश में गन्ने के दाम ₹320 प्रति क्विंटल है वही बैतूल जिले के किसानों से गन्ना ₹305 प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदा जा रहा है।

किसानों ने एसडीएम को बताया कि एग्रो इंडस्ट्रीज शुगर मिल मालिक किसानों का गन्ना जिस तोल कांटे पर नापते हैं वह भी गलत है किसानों ने अनेकों बार गन्ने की तुलाई दूसरे कांटे से किए जाने की मांग की जिसे मिल मालिकों ने स्वीकार नहीं किया इस प्रकार किसानों को दोहरी मार झेलना पड़ रहा है।

ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष गिरिधर यादव, लोकेश यादव अधिवक्ता, पंकज यादव अधिवक्ता, रघुनाथ यदुवंशी, मनोहर यदुवंशी, बिशन यदुवंशी, रामकिशोर ,लक्ष्मण पटेल, रामपाल यदुवंशी, लेख राम यदुवंशी,

बैतूल जिले के किसानों के साथ पक्षपात क्यों…

ज्ञापन सौंपने आए राजेंद्र यदुवंशी, आनंद यदुवंशी, हेमराज यदुवंशी,  राजू पटेल ने बताया कि संपूर्ण प्रदेश में बैतूल जिला एकमात्र ऐसा जिला है जहां पर किसानों को गन्ने के कम दाम मिल रहे हैं और हमारी बात कोई जनप्रतिनिधि भी सुनने वाला नहीं है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जब फोन लगाओ फोन नहीं उठाते। जिले की चार गन्ना मिल से 20, हजार से अधिक किसान परिवार प्रभावित हो रहे हैं प्रति क्विंटल ₹15 का नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है इस प्रकार एक ट्राली गन्ने पर किसानों को ढाई हजार से अधिक का नुकसान हो रहा है। और गन्ना मिल मालिक को लाखों का फायदा और मिल मालिक यह सब इसलिए कर रहे हैं कि उन्हें लगता है कि गरीब किसान कुछ करेगा नहीं, नेता और प्रशासन हमारी सुनेगा नहीं । किंतु अब किसान अपनी लड़ाई खुद लड़ेंगे।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here