15 साल बाद भाजपा गढ पांढुरना हुआ ध्वस्त,17 कांग्रेस, 10 भाजपा और 3 निर्दलीय

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अजय टावरे

पांढुरना – 15 साल बाद नगरपालिका परिषद पांढुरना पर कांग्रेस का कब्जा हो गया। इस चुनाव में कई नए चेहरे उभरकर सामने आए और कई दिग्गजों को हार का सामना करना पडा।

17 वार्डों में कांग्रेस, 10 वार्डों में भाजपा और 3 वार्डों में निर्दलीय पार्षद प्रत्याशियों को जीत मिली है। आज नगर के अधिकांश वार्डों में विजय प्रत्याशियों ने अपने अपने पार्षदों के नेतृत्व बैंड बाजे और गुलाल उडाते हुए रैली का आयोजन किया। इसके बाद अनेक पार्षदों ने अपने वार्ड में भ्रमण कर पुनः मतदाताओं से मिलकर उनका धन्यवाद दिया।

विधायक निलेश उईके और नगर कांग्रेस अध्यक्ष योगेश खोडे के नेतृत्व जीता चुनाव –

इस जीत को क्षेत्रीय विधायक निलेश उईके ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की विजय बताई। इन्होंने कहा कि हम इसी प्रकार मेहनत और परिश्रम से अगला विधानसभा चुनाव भी लडेंगे और जरूर जीतेंगे। इन्होंने कहा कि जनता भाजपा के भ्रष्टाचार राज से त्रस्त हो चुकी है और प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व में हम हर जगह निश्चित रूप से चुनाव जीतेंगे। यहां उल्लेखनीय है कि नगरपालिका पांढुरना का पूरा चुनाव इस बार विधायक निलेश उईके के सफल नेतृत्व में लडा गया। इसके साथ नगर कांग्रेस अध्यक्ष योगेश खोडे ने भी बढ चढ कर सक्रियता दिखायी। चुनावी रणनीति, प्रचार और हर वार्ड में कब, कैसे कहां जाना ? और क्या करना ? योजना लागू होने के बाद उसका बैकअप लेना यह सभी गतिविधियां विधायक निलेश उईके ने काफी समझदारी से निभाई और नतीजा रहा कि नगरपालिका पांढुरना कांग्रेस की झोली में आ गई। नगर कांग्रेस अध्यक्ष योगेश खोडे ने कहा कि हम पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मार्गदर्शन में पांढुरना शहर के हर वार्ड का योजनाबद्ध ढंग से विकास करेंगे।

1 वोट से जीते भवानी वार्ड से जुननकर

नगर पालिका चुनाव में अगर कहीं टसल का चुनाव माना जाएगा तो वह है भवानी वार्ड जहां से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप जुननकर ने मात्र 1 वोट से अपनी जीत दर्ज की। इसीलिए  चुनाव में कहा जाता है कि एक-एक वोट का महत्त्व होता है इसी एक ओट ने कांग्रेसी पार्षद को जिताया। हालांकि भाजपा प्रत्याशियों ने आपत्ति लगाई और रिकाउंटिंग कराई किंतु कोई नतीजा नहीं निकला ।

नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने दिलाई सर्वाधिक बडी जीत-

इस चुनाव में नगर कांग्रेस योगेश खोडे ने नगरवासियों को बता जता दिया कि वे वार्डां में मतदाताओं के साथ काफी गहराई से जुडे है। कांग्रेस ने योगेश खोडे की धर्मपत्नी सौ. पूनम को गृहवार्ड की जगह खारी वार्ड से टिकट देकर चुनाव लडाया। दूसरे वार्ड से चुनाव लड रही अपनी धर्मपत्नी को योगेश खोडे ने नगर में सर्वाधिक 473 वोटों की बढत दिलाकर चुनाव जितवा दिया। इतने विशाल  अंतर से हुई जीत को देखते हुए नगर कांग्रेस अध्यक्ष की लोकप्रियता का अनुमान लगाया जा सकता है।

70 वर्षीया कुसुम कलंबे की उल्लेखनीय जीत –

तिलक वार्ड की भाजपा प्रत्याशी कुसुम कलंबे ने 70 वर्ष की आयु में भी अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 444 वोटों से पराजित कर रेकॉर्ड ब्रेक जीत हासिल की है। इसके पहले इस वार्ड में इनके पुत्र नरेश कलंबे पार्षद रहे है। नरेश कलंबे ने अपनी मां की जीत के लिए कडा परिश्रम किया और यहां के मतदाताओं ने भी इनका साथ दिया। 

डोबले दंपत्ति की जीत ने चौंकाया-

जलाराम वार्ड और रानी दुर्गावती वार्ड में डोबले दंपित्त की निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हुई जीत ने नगरवासियों एवं भाजपा कांग्रेस दोनों दलों को चौंका दिया है। रानी दुर्गावती वार्ड से यादोराव डोबले ने निर्दलीय रूप से चुनाव लडकर भाजपा और कांग्रेस दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों को पराजित किया। इसी प्रकार जलाराम वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडकर सौ. सुनीता यादोराव डोबले ने दोनों राष्ट्रीय स्तर के दलों की प्रत्याशी को हराकर उल्लेखनीय जीत दर्ज की है। डोबले दंपत्ति की दोनों वार्डों में जीत को लेकर शहर में जगह जगह चर्चा नजर आ रही है।

अनील खत्री की जीत ने किया चकित-

राधाकृष्ण वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी अनील खत्री की जीत ने भी नगरवासियों को हैरत में डाल दिया है। हालांकि अनील खत्री इसके पहले 2 बार भाजपा की टिकट पर और 1 बार निर्दलीय रूप से चुनाव लडकर इसी वार्ड से पार्षद बनकर चुने गए है। परंतु इस बार निकटतम भाजपा प्रत्याशी काफी मजबूत और संपन्न थे। भाजपा प्रत्याशी ने प्रचार प्रसार और जनसंपर्क में कहीं कमी नहीं रखी थी। परंतु इस बार भी राधाकृष्ण वार्ड के मतदाताओं ने अपना सारा प्यार अनील खत्री पर लुटा दिया।


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