देवर और पति ने की थी गला घोट कर संगीता की हत्या, चौथिया मे पास बंद धाबे में मिला था संगीता का शव

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मुलताई- बीते दिनों ग्राम चौथिया के पास अमरावती रोड पर स्थित बंद शिव तुलसी ढाबे मे मिला संगीता साहू के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। नम्रता सोंधिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतिका संगीता के अवैध संबंधों की जानकारी पति एवं देवर को लगने के कारण पति एवं देवर ने मिलकर संगीता की हत्या कर दी थी।

मुलताई पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के सुपुर्द कर दिया है। एसडीओ पुलिस नम्रता सोंधिया ने पत्रकारों को घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि,  बंद पड़े शिव तुलसी ढाबा के अंदर  कमरे मे मिली, मृतिका संगीता साहू की गुत्थी सुलझाई गयी। पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व्दारा थाना क्षेत्र मे अंधे कत्ल के प्रकरणों मे चलाये गये अभियान के तहत एसडीओपी मलताई नम्रता सोधिया के मार्गदर्शन मे एवं थाना प्रभारी सनिल लाटा के निदेशन मे मृतिका संगीता की हत्या की गत्थी सुलझा कर मामले का खुलासा किया है।

मृतिका संगीता साहू का उसके रिश्ते के मामा लक्ष्मण साहू से अवैध प्रेम संबंध था, और दोनों चोरी छिपे ग्राम चौथिया रोड स्थित बंद पड़े शिव तुलसी ढाबा मे जाकर मिलते थे। जिसकी जानकारी मृतिका के परिजन और पति राजेश व देवर मनोज को थी। बंद पड़े ढाबा के ताला की चाबी की जानकारी मृतिका संगीता साहू को थी। दिनांक 04.08.22 को मृतिका संगीता व देवर मनोज ने संगीता और मृतक लक्ष्मण को मोबाइल पर बात करते हुए सुन लिया था और इसी बात को लेकर मनोज व लक्ष्मण के बीच छीना झपटी हुई थी। जिसके बारे में मनोज द्वारा बड़े भाई राजेश को बताया गया था।

05 अगस्त को मृतिका संगीता उक्त ढाबा के ताला की चाबी लेकर मृतक लक्ष्मण साहू के साथ उसकी मोटर साइकल मे बैठकर ढाबा तरफ गए थे, जिन्हे मृतिका संगीता के देवर मनौज ने जाते समय देख लिया था, और यही बात उसने भाई राजेश को बताई फिर दोनों राजेश की टीवीएस स्टार स्पोर्ट्स मोटर साइकल से पीछा कर ढाबा गए और देखा कि दरवाजा पर ताला नही था। फिर दोनों को ढाबे के अंदर कमरे से संगीता और लक्ष्मण की आवाज आ रही थी दोनों ने दरवाजा धकाकर खोलकर देखा तो मृतिका,संगीता व रिश्ते का मामा मृतक लक्ष्मण साहू आपत्तिजनक स्थिति मे जमीन पर चादर के ऊपर लेटे दिखे ।

यह देखकर राजेश और मनोज को गुस्सा आ गया और लक्ष्मण के साथ मारपीट कि गयी मौका देखकर लक्ष्मण वहाँ से भाग गया था। चूंकि समाज मे पहले ही बहुत ज्यादा बदनामी हो चुकी थी इसलिए राजेश और मनोज ने मिलकर संगीता की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर ढाबा पर ताला लगाकर राजेश और मनोज घर वापस आ गए और ताले की तीनों चाबी घर पर रख दी थी। इसी दिन शाम को लक्ष्मण साहू की तबीयत खराब हुई और वह अस्पताल मे भर्ती हो गया फिर दिनांक 06.08.22 को मृतिका संगीता की गुमशुदगी कि रिपोर्ट मृतिका संगीता के पति राजेश एवं देवर मनोज ने ही थाना मुलताई मे की थी। फिर इलाज के दौरान लक्ष्मण साहू की मृत्यु हो जाने के बाद राजेश एवं मनोज द्वारा ढाबा पर लगा ताला तोड़कर ढाबा के अंदर मृतिका संगीता के शव मिलने की रिपोर्ट थाना मुलताई मे की गयी। कड़ी पूछताछ व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतिका संगीता के हत्यारे पति राजेश एवं देवर मनोज ने अपना जुर्म स्वीकार कर बताया कि उनके द्वारा सोच समझकर समाज मे हुई बदनामी के कारण संगीता की हत्या की थी ।
अंधे कत्ल के खुलासे मे थाना प्रभारी मुलताई सुनिल लाटा उनि. उत्तम मस्तकार चौकी प्रभारी
प्रभात पट्टन , उनि अश्विवी चौधरी, प्रभार 4। निलेश सोनी , प्रआर 558 अंकित, आर मिथलेश,आर अविनेश,
आर प्रोमद, आर. चालक गोपाल, आर. रोहित, साइबर सेल प्रभारी उनि. राजेन्द्र राजवंशी , आर राजेन्द्र धाडसे , आर.दीपेन्द्र सैनिक शशि सैनिक राहुल द्वारा मामले के खुलासा मे सराहनीय कार्य रहा है।


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