खस्ताहाल शाला भवन में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर सोनेगांव खल्ला के छात्र,महिला सरपंच ने जिला कलेक्टर को बताई समस्या

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दुनावा से प्रकाश सूर्यवंशी

मुलताई- शासन के शिक्षा क्षेत्र में विकास के दावे कितने खोखले हैं इसका उदाहरण ग्राम पंचायत सोनेगांव खल्ला मे स्थित प्राथमिक शाला भवन है। शाला भवन की जर्जर स्थिति को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें बैठकर शिक्षा ग्रहण करना कितना खतरनाक हो सकता है।

शाला भवन की दयनीय स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत सोनेगांव खल्ला कि सरपंच आशु सूर्यवंशी ने  बैतूल पहुंचकर जिला कलेक्टर से भेटकर उन्हें ग्राम पंचायत सोनेगाव खल्ला मे निरंतर बिगड़ती शाला भवन कि हालत से अवगत कराया एवं जिला कलेक्टर को नए शाला भवन  निर्माण के लिए आवेदन दिया।

जिला कलेक्टर ने महिला सरपंच को आश्वासन दिया है  कि शिक्षा संबंधित अधिकारियों से नए शाला भवन निर्माण के लिए चर्चा करेंगे। महिला सरपंच ने बताया कि प्राथमिक शाला खल्ला की  पहली कक्षा  से लेकर पाचवी कक्षा के बच्चों को अतिरिक्त कक्ष 15×20 के वर्ग फिट के कमरे मे एक साथ बैठाला जाता है

जिससे बच्चों को पड़ने मे, एक साथ बैठने मे भी कठिनाई का सामना करना पड़ता। कमरों की हालत बिगड़ती जा रही है जिसके कारण शिक्षकों की भी चिंता बढ़ती जा रही है। प्राथमिक शाला जोकि अत्यंत जर्जर हो गई है  के समीप एक और शाला भवन है यह शाला भवन भी जर्जर हो गया है जिसमें कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं लग रही है।


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